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चà¥à¤•ंदर गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के दौरान न सिरà¥à¤« बà¥â€à¤²à¤¡ को बढ़ाने का काम करता है बलà¥à¤•ि बचà¥â€à¤šà¥‡ की गà¥à¤°à¥‹à¤¥ में à¤à¥€ मदद करता है. चà¥à¤•ंदर में नाइटà¥à¤°à¥‡à¤Ÿ अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में होता है जो गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ में लाà¤à¤¦à¤¾à¤¯à¤• हो सकता है
लाल रंग का दिखने वाला चà¥à¤•ंदर सेहत के लिठफायदेमंद माना जाता है। वहीं, जब गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की बात आती है, तो इसे लेकर सवाल खड़ा हो सकता है कि इसे गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ के आहार में शामिल किया जाना चाहिठया नहीं। यह सवाल लाजमी à¤à¥€ है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में खानपान का खà¥à¤¯à¤¾à¤² रखना बेहद जरूरी होता है। यही वजह है कि इस लेख में हम बता रहे हैं कि पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में चà¥à¤•ंदर खाना सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ है या नहीं। अगर हां, तो कितनी मातà¥à¤°à¤¾ में इसे लिया जाना चाहिà¤? साथ ही गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान इसके सेवन का सही समय कौन-सा है। à¤à¤¸à¥‡ तमाम सवालों के जवाब सà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤²à¤•à¥à¤°à¥‡à¤œ के इस लेख में मौजूद हैं। साथ ही हम इस लेख में गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में चà¥à¤•ंदर खाने के फायदे और नà¥à¤•सान के बारे में à¤à¥€ बता रहे हैं।
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में चà¥à¤•ंदर खाने के फायदे – Benefits of Eating Beetroot in Pregnancy In Hindi
पाठक इस बात का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि चà¥à¤•ंदर गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होने वाली किसी à¤à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾ का इलाज नहीं है। यह केवल नीचे बताई जा रहीं समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को कà¥à¤› हद तक कम करने में मदद कर सकता है।
1. फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ और बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का विकास
बीटरूट में à¤à¤°à¤ªà¥‚र मातà¥à¤°à¤¾ में फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ पाया जाता है, जो गरà¥à¤ में पल रहे शिशॠके विकास के लिठजरूरी माना जाता है। चà¥à¤•ंदर में मौजूद यह फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ अजनà¥à¤®à¥‡ बचà¥à¤šà¥‡ को बरà¥à¤¥ डिफेकà¥à¤Ÿ से बचाने में मदद कर सकता है। इंटरनेशनल जरà¥à¤¨à¤² ऑफ केमिकल सà¥à¤Ÿà¤¡à¥€à¤œ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ शरीर में नठसेलà¥à¤¸ को बनाने में मदद करता है। साथ ही यह à¤à¥à¤°à¥‚ण की रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ और दिमाग के उचित विकास को à¤à¥€ सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करता है (2)।
2. रकà¥à¤¤ को शà¥à¤¦à¥à¤§ करे
आधà¥à¤¨à¤¿à¤• जीवन शैली, जंक फूड, शराब, दूषित पानी, अनिदà¥à¤°à¤¾ और खराब रकà¥à¤¤ परिसंचरण यानी बà¥à¤²à¤¡ सरà¥à¤•à¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ रकà¥à¤¤ को अशà¥à¤¦à¥à¤§ करने का कारण बनते हैं। रकà¥à¤¤ की अशà¥à¤¦à¥à¤§à¥€ की वजह से à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€, मà¥à¤‚हासे, चकतà¥à¤¤à¥‡, जोड़ों में दरà¥à¤¦ और इमà¥à¤¯à¥‚न सिसà¥à¤Ÿà¤® की कमजोरी जैसी समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ होती हैं (3)। इन समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं से बचने के लिठरकà¥à¤¤ का साफ होना जरूरी है, जो चà¥à¤•ंदर की मदद से किया जा सकता है (2)। à¤à¤• शोध में यह à¤à¥€ जिकà¥à¤° मिलता है कि चà¥à¤•ंदर में मौजूद नाइटà¥à¤°à¥‡à¤Ÿ पà¥à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा के रकà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ में सà¥à¤§à¤¾à¤° कर सकता है, जिससे कà¥à¤› हद तक रकà¥à¤¤ को शà¥à¤¦à¥à¤§ करने में मदद मिल सकती है (4)। यह रकà¥à¤¤ में मौजूद कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² को à¤à¥€ कम करने का काम कर सकता है (2)।
3. शरीर में आयरन की मातà¥à¤°à¤¾ को बढ़ाà¤
चà¥à¤•ंदर में मौजूद आयरन शरीर में इस ततà¥à¤µ को बढ़ाने में मदद कर सकता है। देखा गया है कि गरà¥à¤à¤µà¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को अकà¥à¤¸à¤° आयरन की कमी की वजह से à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ की समसà¥à¤¯à¤¾ का सामना करना पड़ता है। à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾, जिसमें लाल रकà¥à¤¤ कोशिकाओं का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ बाधित हो जाता है। à¤à¤• अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• विकासशील देशों में करीब 52% गरà¥à¤à¤µà¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ इससे पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होती हैं। इसी वजह से माना जाता है कि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान आयरन से à¤à¤°à¤ªà¥‚र खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ को शामिल किया जाना चाहिà¤, जिसमें चà¥à¤•ंदर à¤à¥€ शामिल है (5)। à¤à¤¨à¤¸à¥€à¤¬à¥€à¤†à¤ˆ की वेबसाइट पर पà¥à¤°à¤•ाशित à¤à¤• शोध ने सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ किया है कि पके हà¥à¤ करीब 150g बीटरूट में 1.2mg आयरन की मातà¥à¤°à¤¾ होती है (6)। हालांकि, कचà¥à¤šà¥‡ चà¥à¤•ंदर में इसकी मातà¥à¤°à¤¾ थोड़ी कम होती है (7)। वहीं, अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ से पता चलता है कि आयरन को अवशोषित करने के लिठविटामिन-सी à¤à¥€ जरूरी होता है, जो चà¥à¤•ंदर में à¤à¤°à¤ªà¥‚र होता है (8)।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में चà¥à¤•ंदर खाने के फायदे के बाद अब हम विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से इसे आहार में शामिल करने का तरीका बता रहे हैं।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के आहार में चà¥à¤•ंदर को कैसे शामिल करें?
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में चà¥à¤•ंदर को किस तरह से आहार में शामिल किया जा सकता है, यह हम नीचे विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से बता रहे हैं:
कैसे खाà¤à¤‚:
बीटरूट को सलाद के रूप में खाया जा सकता है।
चà¥à¤•ंदर की सबà¥à¤œà¥€ à¤à¥€ बनाई जा सकती है।
बीटरूट के जूस का à¤à¥€ सेवन किया जा सकता है।
इसे अनà¥à¤¯ सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के साथ मिलाकर मिकà¥à¤¸ वेज के रूप में à¤à¥€ खाया जा सकता है।
बीटरूट को पाउडर के रूप में उपयोग में लाया जा सकता है।
कà¥à¤› लोग इसका हलवा बनाकर à¤à¥€ खाते हैं।
कितना खाà¤à¤‚:
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान चà¥à¤•ंदर को आहार में कितनी मातà¥à¤°à¤¾ में शामिल करें, इसकी सटीक जानकारी से जà¥à¤¡à¤¼à¤¾ शोध उपलबà¥à¤§ नहीं है। वहीं जब रकà¥à¤¤ में हीमोगà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤¿à¤¨ बढ़ाने की बात आती है तो चà¥à¤•ंदर को à¤à¤• बहà¥à¤¤ शकà¥à¤¤à¤¿à¤¶à¤¾à¤²à¥€ à¤à¤œà¥‡à¤‚ट माना जाता है। à¤à¤¸à¥‡ में à¤à¤• कप चà¥à¤•ंदर के जूस में शहद मिलाकर दिन में à¤à¤• बार सेवन किया जा सकता है (8)। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में इसकी सटीक मातà¥à¤°à¤¾ के बारे में जानने के लिठआप डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥€ परामरà¥à¤¶ जरूर लें।
कब खाà¤à¤‚:
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में चà¥à¤•ंदर कब खाना चाहिà¤, इसको लेकर कोई सटीक समय के बारे में बताया नहीं गया है। वहीं विशà¥à¤µ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ संगठन (WHO) के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• फोलेट की कमी से बचने के लिठगरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ तीन महीनों में फोलेट यà¥à¤•à¥à¤¤ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का सेवन किया जा सकता है (9)। जैसा कि हमने ऊपर बताया कि बीटरूट में फोलेट की अचà¥à¤›à¥€ मातà¥à¤°à¤¾ पाई जाती है और गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में इसे खाया जा सकता है। वहीं दूसरी ओर इसमें मौजूद नाइटà¥à¤°à¥‡à¤Ÿ का सेवन गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के 30वें हफà¥à¤¤à¥‡ से शरीर में विषाकà¥à¤¤à¤¤à¤¾ का कारण बन सकता है, à¤à¤¸à¥‡ में तीसरी तीमाही में इसका सेवन न किया जाना ही बेहतर होगा (10)। अचà¥à¤›à¤¾ होगा कि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में इसके खाने के सही समय के बारे में जानने के लिठडॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥€ परामरà¥à¤¶ लिया जाà¤à¥¤
चलिà¤, अब पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में चà¥à¤•ंदर खाने के कसान पर à¤à¤• नजर डाल लेते हैं।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में चà¥à¤•ंदर खाने के नà¥à¤•सान- Side Effects of Beetroot in Pregnancy In Hindi
à¤à¤¸à¤¾ नहीं है कि पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में चà¥à¤•ंदर खाने के फायदे ही फायदे होंगे। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में चà¥à¤•ंदर खाने के फायदे के साथ ही नà¥à¤•सान à¤à¥€ हो सकते हैं। दरअसल, अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में चà¥à¤•ंदर को लिया जाठतो à¤à¤¸à¥‡ में इसके फायदे के बजाय नà¥à¤•सान देखने को मिल सकते हैं। à¤à¤¸à¥‡ में गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में चà¥à¤•ंदर खाने के नà¥à¤•सान कà¥à¤¯à¤¾-कà¥à¤¯à¤¾ हो सकते हैं, यह हम नीचे विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से बता रहे हैं (7) (11) (12):
चà¥à¤•ंदर में मौजूद बीटाइन (betaine) के कारण मतली और दसà¥à¤¤ जैसी समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है।
हारà¥à¤Ÿà¤¬à¤°à¥à¤¨ व सीने में जलन।
चà¥à¤•ंदर का जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सेवन करने से पेशाब का रंग लाल (Beeturia) हो सकता है।
मेथेमोगà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤¿à¤¨à¥‡à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ (रकà¥à¤¤ संबंधी विकार)।
à¤à¥à¤°à¥‚ण की कोशिकाओं में परिवरà¥à¤¤à¤¨ और घातक परिवरà¥à¤¤à¤¨à¥¤
थायरॉयड।
किडनी सà¥à¤Ÿà¥‹à¤¨ का जोखिम। दरअसल, चà¥à¤•ंदर में ऑकà¥à¤¸à¤¾à¤²à¥‡à¤Ÿ होता है, इसलिठजिनको गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की पथरी की समसà¥à¤¯à¤¾ है, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ परहेज करना चाहिठया डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥€ सलाह पर सीमित मातà¥à¤°à¤¾ मे ही लेना चाहिà¤à¥¤
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